महिला समाख्या उतर प्रदेश
Mahila Samakhya Uttar Pradesh
4/13, Vishal Khand, Gomti Nagar
Uttar Pradesh, India,Pin - 226010
History

महिला समाख्या कार्यक्रम  की शुरुआत मानव संसाधन विकास मन्त्रालय के अंतर्गत महिलाओं के सशक्तीकरण को शिक्षा के तहत एक नया आयाम देने की परिकल्पना की गयी  थी

        महिला समाख्या कार्यक्रम की शुरूआत ‘1986 राष्ट्रीय शिक्षा नीति ’ के तहत की गईं। पायलट प्रोजेक्ट सन् 1989 में तीन राज्यों कर्नाटक , गुजरात व उत्तर प्रदेश में की गयी थी । कार्यक्रम के उद्देश्य को  प्राप्त करने के सफर में महिला समाख्या 11 राज्य में कार्य संचालत किया गया । महिला समाख्या उत्तर प्रदेश कार्यक्रम तीन जिलों से प्रारम्भ होकर वर्तमान समय में 19 जिलों के 78 ब्लाॅक में विस्तारित है। कार्यक्रम के माध्यम से 5923 संघ बने है जिनमें 119924 महिलायें व 8382 किशोरिया  कार्यक्रम से जुड़ी है।

महिलाओं के सशक्तीकरण की प्रक्रिया को पहचान और  शिक्षा में महिलाओं की विभिन्न क्षेत्रों में अगुवाई में भागीदारी बढ़ाने के मुद्दे पर कार्य कर रही है। महिला समाख्या ने महिलाओं को जीवनोपयोगी शिक्षा देकर समाज की मुख्यधारा में लाया और शिक्षा का अक्षरज्ञान तक सीमित न रखते हुये उस पर  जोर दिया कि  महिलाओं की आत्मछवि का निर्माण हो, सही गलत की पहचान कर सके, अपना हक जानने व पाने की ललक और सशक्त हो कर सामाजिक मुद्दों पर नेतृृत्वकर्ता की भूमिका में आ सके।

महिलाओं के ऐसे जागरूक व स्वतंत्र समूहों का निर्माण करना जो सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रियाओं की शुरूआत करे और उसे बनाये रखें। महिलाओं के ग्राम स्तरीय समूह को संघ कहा जाता है। ग्रामीण महिलाओं को महिला मुद्दे पर पहल करने के लिए जेण्डर संवेदनशीलता, नारीवादी नजरिया व संगठनात्मक सोच आदि पर महिलाओं की समझ विकसित की जाती है।

वर्तमान समय में संघ महिलाएं अपने संगठन के माध्यम से समाज की महिला विरोधी कुरीतियों का सामना करने से लेकर थाना-पुलिस, कोर्ट कचहरी, अस्पताल के साथ-साथ पंचायतों में भी प्रभावकारी हस्ताक्षेप कर रही है। आवासीय शिक्षण कैम्प, नारी अदालत, संजीवनी केन्द्र सहित अनेकों गतिविधियाॅ नारी सम्मान एवम् पहचान के जीते जागते सबूत है जिन्हें 25 वर्षो के लम्बे सफर के बाद उन्हें पूरे समाज व शासन-प्रशासन ने माना है। ग्रामीण स्तर पर गठित अनेक ढांॅचों जैसे- स्कूल प्रबंधन समिति, पंचायत समिति, पंचायत प्रतिनिधि जैसे- प्रधान, ग्राम विकास समिति सदस्य आदि के रूप में अपने गाॅंव में विकास व महिला सशक्तीकरण में निरन्तर योगदान कर रही हैं।